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ग्लोबल मेमोरी संकट के बावजूद 2026 तक नहीं बढ़ेंगी PS5 की कीमतें, Sony CFO ने दी बड़ी राहत

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High-quality digital illustration of PS5 and PS5 Pro consoles with DualSense controller, showing global RAM shortage impact and stable pricing through 2026 in a futuristic tech backgroun

दुनियाभर के गेमर्स के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। Sony Interactive Entertainment ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि PlayStation 5 (PS5) और PS5 Pro console की कीमतें 2026 तक पूरी तरह stable रहेंगी, भले ही इस समय पूरी दुनिया एक गंभीर global RAM और memory shortage crisis का सामना कर रही हो। यह घोषणा Sony की Q3 Financial Earnings Call के दौरान कंपनी के Chief Financial Officer (CFO) Lin Tao ने की।

CFO Lin Tao के अनुसार, Sony ने पहले से ही आने वाले पूरे वित्तीय वर्ष और holiday selling season के लिए जरूरी minimum memory inventory secure कर ली है। इस proactive planning की वजह से कंपनी को फिलहाल PS5 की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जहां कई अन्य टेक कंपनियां बढ़ती component लागत के कारण अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो रही हैं, वहीं Sony ने early procurement strategy के जरिए खुद को इस संकट से काफी हद तक सुरक्षित रखा है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती AI infrastructure demand और data centers के विस्तार ने RAM और DRAM chips की भारी कमी पैदा कर दी है, जिसका असर पूरे electronics और gaming industry पर पड़ा है। इसके बावजूद Sony का यह फैसला गेमर्स के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से PS5 या PS5 Pro खरीदने की योजना बना रहे थे।

Global RAM Shortage: पूरी इंडस्ट्री पर असर

पिछले कुछ महीनों से दुनिया भर में RAM और DRAM chips की भारी कमी देखने को मिल रही है। इस संकट के पीछे सबसे बड़ी वजह Artificial Intelligence (AI) sector की तेज़ी से बढ़ती demand मानी जा रही है। बड़े-बड़े टेक giants और data centers अब massive scale पर memory खरीद रहे हैं, जिससे consumer electronics के लिए उपलब्ध supply काफी कम हो गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, AI कंपनियां इस समय global DRAM supply का लगभग 40% हिस्सा अकेले consume कर रही हैं, जिससे gaming consoles, smartphones, laptops और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ के लिए memory components काफी महंगे हो गए हैं।

इसी वजह से कई हार्डवेयर कंपनियों को मजबूरी में अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। लेकिन Sony की early procurement strategy और advanced planning ने कंपनी को इस संकट से काफी हद तक सुरक्षित रखा है।

Sony की Proactive Planning बनी सबसे बड़ी ताकत

CFO Lin Tao के अनुसार, Sony ने यह अनुमान पहले ही लगा लिया था कि आने वाले समय में memory supply को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इसी कारण कंपनी ने 2025 के दौरान ही large-scale contracts के जरिए जरूरी memory stock lock-in कर लिया था, जब कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं।

इस रणनीति का एक बड़ा फायदा यह हुआ कि Sony को वर्तमान में बढ़ी हुई RAM कीमतों का सीधा असर नहीं झेलना पड़ रहा है। कंपनी ने पहले से ही इतना inventory सुरक्षित कर लिया है कि वह 2026 के पूरे holiday season तक market demand को आराम से पूरा कर सके।

यही वजह है कि Sony फिलहाल PS5 और PS5 Pro दोनों की pricing को stable रखने में सक्षम है, जबकि कई अन्य hardware manufacturers को price hike पर विचार करना पड़ रहा है।

92 Million यूनिट के पार पहुंची PS5 की बिक्री

Sony ने earnings report के दौरान यह भी खुलासा किया कि PlayStation 5 की कुल global sales अब 92.2 million units को पार कर चुकी है। यह आंकड़ा अपने आप में दिखाता है कि PS5 अब तक की सबसे सफल gaming consoles में से एक बन चुका है।

वैश्विक supply chain disruptions, chip shortage और logistics समस्याओं के बावजूद PS5 की demand लगातार मजबूत बनी हुई है। खासकर holiday seasons और festive sales के दौरान PS5 की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

Sony का मानना है कि 2026 में भी PS5 और PS5 Pro दोनों की strong sales momentum बनी रहेगी, खासकर नए exclusive titles और PlayStation ecosystem के विस्तार के कारण।

PS5 Pro की Stable Supply से Buyers को राहत

PS5 Pro के लॉन्च के बाद से ही कई gamers इसकी availability और pricing को लेकर चिंतित थे। लेकिन Sony CFO के बयान से साफ हो गया है कि 2026 तक PS5 Pro console की supply भी stable रहेगी, और buyers को इसे MSRP (Manufacturer Suggested Retail Price) पर खरीदने का मौका मिलेगा।

इसका मतलब यह है कि scalping, black marketing और artificial price inflation जैसी समस्याएं काफी हद तक कम होंगी, जिससे genuine gamers को सीधा फायदा मिलेगा।

बढ़ती लागत की भरपाई कैसे करेगा Sony?

हालांकि Sony ने फिलहाल PS5 की कीमतें बढ़ाने से इनकार किया है, लेकिन सच यह है कि hardware production cost तेजी से बढ़ रही है। RAM, SSD, GPU और अन्य components पहले की तुलना में काफी महंगे हो चुके हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि Sony इस बढ़ती लागत को कैसे मैनेज करेगा?

CFO Lin Tao के अनुसार, कंपनी अब “prioritizing monetization of the install base” रणनीति पर ज्यादा ध्यान दे रही है। इसका मतलब है कि Sony अपने existing PS5 user base से software और services के जरिए revenue generate करेगा, ताकि hardware पर बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके।

इस रणनीति के तहत Sony का फोकस मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर रहेगा:

  • PlayStation Store digital game sales
  • PlayStation Plus subscription plans
  • In-game purchases और microtransactions
  • High-margin accessories, जैसे DualSense controllers, headsets और charging docks

पिछले कुछ quarters में PlayStation Store की record-breaking sales ने यह साबित कर दिया है कि Sony का यह मॉडल काफी प्रभावी हो सकता है।

Xbox और अन्य Competitors की स्थिति

जहां Sony ने proactive planning के दम पर खुद को सुरक्षित रखा है, वहीं कुछ reports के मुताबिक Microsoft के Xbox Series X|S consoles को price pressure का सामना करना पड़ सकता है।

कहा जा रहा है कि Xbox के पास Sony जैसी मजबूत inventory buffer नहीं है, जिसके कारण mid-cycle price hike की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं Nintendo ने भी हाल ही में संकेत दिया है कि उसकी आने वाली Switch 2 console की pricing 2026 तक stable रह सकती है, लेकिन इसके बाद स्थिति बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

2027 में बदल सकता है पूरा गेम?

हालांकि फिलहाल 2026 तक स्थिति सुरक्षित नजर आ रही है, लेकिन 2027 और उसके बाद का भविष्य काफी हद तक global semiconductor market पर निर्भर करेगा।

Chip manufacturers जैसे Micron और SK Hynix पहले ही संकेत दे चुके हैं कि RAM shortage 2026 के बाद भी जारी रह सकती है। अगर ऐसा होता है, तो PS5 की future pricing और PS6 की launch price दोनों पर सीधा असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि PS6 की लॉन्च कीमत पहले के सभी PlayStation consoles से ज्यादा हो सकती है, खासकर अगर AI infrastructure की demand इसी तरह बढ़ती रही।

AI Boom बना सबसे बड़ा कारण

आज के समय में Artificial Intelligence (AI) और cloud computing पूरी semiconductor industry की दिशा तय कर रहे हैं। बड़े data centers, AI training models और advanced GPUs के लिए भारी मात्रा में high-speed memory की जरूरत होती है।

इस वजह से RAM manufacturers अपनी supply का बड़ा हिस्सा enterprise और AI कंपनियों को allocate कर रहे हैं, जिससे consumer electronics के लिए availability कम हो रही है।

यही कारण है कि आने वाले वर्षों में gaming hardware की cost और pricing strategy पूरी तरह बदल सकती है।

गेमर्स के लिए क्या मतलब है यह फैसला?

Sony के इस फैसले से गेमर्स को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं:

  • 2026 तक PS5 और PS5 Pro पर कोई नई price hike नहीं होगी
  • Console की availability बेहतर रहेगी
  • Black marketing और overpricing में कमी आएगी
  • Buyers को बेहतर value for money मिलेगा

जो लोग लंबे समय से PS5 खरीदने की सोच रहे थे, उनके लिए 2026 एक ideal year साबित हो सकता है।

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कुल मिलाकर, Sony की smart planning, strong supply chain management और software-driven revenue strategy ने कंपनी को इस कठिन दौर में भी मजबूती से खड़ा रखा है।

2026 तक PS5 और PS5 Pro की कीमतों को stable रखने का फैसला गेमर्स के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। हालांकि 2027 और उससे आगे की स्थिति फिलहाल अनिश्चित है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए Sony का यह कदम काबिले-तारीफ कहा जा सकता है।

अगर global memory market में सुधार आता है, तो आने वाले वर्षों में gamers को और भी बेहतर deals देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल, PS5 buyers बिना किसी चिंता के अपनी खरीदारी की योजना बना सकते हैं। **

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